किया है जो जादू तूने उस तरफ से,

इस तरफ हो रहा है असर धीरे धीरे...

चुरा लूँगा तेरी मैं अखियों से काजल,

मिला ना यूँ हमसे नजर धीरे धीरे...


वक्त बहुत है अभी ढलने को सूरज,

तेरे संग चलेंगे तेरे शहर धीरे धीरे...

दरिया है दिल मेरा नाव तेरा प्यार है,

लेके पतवार सजनी इसमें उतर धीरे धीरे...


बोली लगे मोहे तेरी गुड़ से भी मीठी,

अपनी बातों से घोल दे शक्कर धीरे धीरे...

किया है जो जादू तूने उस तरफ से,

इस तरफ हो रहा है असर धीरे धीरे...