
आज जब भी तुझे याद करता हूँ
सोचता हूँ काश हम मिले होते
पल दो पल सही जिभर कर देख लिये होते
भाग दौड़ भरी ज़िन्दगी से वक़्त निकाल कर
सोचता हूँ काश हम मिले होते
हो सकता कि कुछ तुम पढ़ती कुछ हम पढ़ते
गिले-शिकवे दूर कर एक-दुसरे को समझ पाते
सोचता हूँ काश हम मिले होते
घडी दो घड़ी रुक कर कुछ पल साथ बि
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