हम चौरे कै पसावन होई, फूटी किस्मत के जगावन होई ।। रास्ते के धूल पै बादल के आंसू बनकै, हम धूल कै बुझावन होई। हम चौरे कै पसावन होई ।। जब केहू दुख में पड़ा थै तो , हम उनके दुख कै बुझावन होई । हम चौरे कै पसावन होई , फूटी किस्मत के जगावन होई ।। हम्में सब गुण हैं , चाहे आग चाहे पानी , हम सबकै मिलावन होई , हम चौरे कै पसावन होई ।। केव केहू के मन कै नाहि जानै , हम सबके मन कै भेद जानी । सीने में केकरे काव चलत बा , हम जान लीथै उनके अंदर कै । हम चौरे कै पसावन होई , फूटी किस्मत कै जगावन होई ।। पागलों के बीच मा रहिके , हम ज्ञानी कहलाई थै । उनका उल्टा सीधा समझाए कै , हम चलता बनी थै । हम चौरे कै पसावन होई , फूटी किस्मत के जगावन होई ।।