कभी कभी तुम्हें समझ नहीं आता
कभी कभी मैं चुप रह जाता
Attention तुम दो तो चाहिए
माँगना attention मुझे नहीं सुहाता
वो आया था ना एक गाना
इसमें तेरा घाटा
मेरा कुछ नहीं जाता
Attention तो मेरा आइना मुझे free में दे जाता
जब कोई नहीं आता तो भी पेग में दो बनाता
अकेले तो हमसे पिया नहीं जाता
इसलिए अपने साये को ही साथी बना लिया जाता
तन्हाई का आलम बस ऐसे ही काटा जाता
हर रोज़ नयी रोशनी लेकर सूरज है आता
बस ऐसे ही मिलाके शब्द
Instant कवि है बना जाता !
