अवसाद (डिप्रेशन)
अवसाद क्या है ?
अवसाद वह परिस्थिति है,
जिसमें मन में दुःख की उपस्थिति है !
पीड़ा होती है मन में
जब तिरस्कार होता है,
जब कोई काम में निराश होता है,
जब असफलता हासिल होती है !
हम कह नहीं पाते किसी से,
क्यूँकि जगहँसाई का डर होता है
लोग क्या कहेंगे,
इस बात पर सारा खेल निर्भर होता है.
धीरे धीरे कर दुःख इकट्ठा होता है
कह नहीं सकने वाला मन ही मन रोता है
कह नहीं पाना किसी से, मजबूरी होती है
भूल जाता है कि कह लेने से पीड़ा कम होती है
जीतने का अवसाद से मनोज,
मैं इलाज बताता हूँ
लोग कहते है कहना आसान और करना मुश्किल
पर मैं तुम्हें एक सरल समाधान बताता हूँ
करना कुछ ख़ास नहीं है, बस एक मित्र को खोजना है
जो सुने तुम्हारी बात और पता हो कि
ना तो तुम्हें तौलना है, ना किसी को बोलना है
जो तुम्हें ना मिलने ऐसा इंसान तो
मत होना हैरान या परेशान
बस छोटा सा ये इम्तिहान
आइने को बनाओ अपना वो यार
जिसके सामने खड़े हो के
कर सको बात
चाहे जीत हो या हार
आइने में खड़े उस शख़्स से बात करना सीखो
जो ना कह सको ज़माने से
वो अपने आप से कहना सीखो
सीखो सूरज से जो रोज़ सुबह वापिस चला आता है
उसे पता है होते शाम जाना है पर
हार नहीं मान जाता है
उसकी तरह तुम्हें भी बनना है
स्वयं अपनी ताक़त तुम्हें बनना है
नहीं रहना है निर्भर किसी पर
ना लेना है किसी का अहसान
बस खड़े हो जाना आइने के सामने
जब भी कोई बात करे तुम्हें परेशान
यह तरीक़ा मैंने ख़ुद आज़माया है
हर बार मुश्किल घड़ी में
आइने में सबसे बड़ा साथी पाया है
अवसाद नहीं कोई बीमारी
बस एक भावना है
आगे जो बढ़ना है तुम्हें
तो कर्म का पथ नहीं त्यागना है
याद रखना,
जब तक जीवन है, संघर्ष है
इस से घबराना नहीं है
ईश्वर के दिए हुए जीवन को ख़त्म करने
का तुम्हें हक़ नहीं है
अपने ख़ुद के कौशल पर होना तुम्हें शक नहीं है
जब तक चाहे ईश्वर हमें यहीं रहना है
ईश्वर की मर्ज़ी के बिना ना जाना, इतना ही मुझे कहना है
करो अपने आप से यह वादा
हमेशा आगे बढ़ने का रखो इरादा
अवसाद के जाल में ना फँस जाना
हौंसला अगर कभी तुम्हारा हो बढ़ाना
तो ज़रूर याद फ़रमाना
बाक़ी, मेरी सरल सलाह है
आइने को अपना दोस्त बनाना
धन्यवाद !


