किताबें पढ़ते  हो ?

हर दिन कुछ आगे बढ़ते हो ?


पढ़ा करो हर दिन कुछ आगे बढ़ा करो


पढ़ो इतिहास कि ग़लतियाँ ना दोहराएँ वही

पढ़ो इतिहास कि जान पाएं क्या है सही


पढ़ो विज्ञान कि समझ आएं दुनिया के रहस्य सभी

पढ़ो विज्ञान और बनो तर्कसंगत तुम भी


पढ़ो कवितायेँ व् कहानियाँ दुनिया भर की

ताकि समझ सको भाषा करुणा और प्रेम की


पढ़ा करो, हर दिन कुछ आगे बढ़ा करो |



--मनोज