जो संघर्षों के आदी हैं's image
Poetry1 min read

जो संघर्षों के आदी हैं

KAVI MANOJ PRAVEENKAVI MANOJ PRAVEEN May 17, 2022
Share0 Bookmarks 57613 Reads2 Likes
जो संघर्षों के आदी हैं , नहीं परिणाम से डरते।
लहरें चीर कर के भी, समुंदर पार वो करते।।
किनारो पर खड़े  हो कर, जो पूछे सागर की गहराई।
समंदर क्या वो दरिया भी, कभी ना पार कर सकते।

आजादी के सपनों ने, ली है लाखों की कुर्बानी
ये धरती है भगत सिंह की, यहां लाखों है बलिदानी।
वह शेरनी जिसने, छुड़ाए अंग्रेजों के छक्के
लगा दी जान की बाजी, थी वो झांसी की एक रानी।

हिमालय के शिखर से आज, फिर आवाज है आई 
तू

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts