जीवन की पटकथा पूर्व मेंलिखी जा चुकी हैमुझसे जीने का अभिनयकरवाता क्यों हैमैं तो यूँ भी हूँतेरी कारीगरी का कायलबेवजह मुझसे प्रशंसाकरवाता क्यों है ।मं शर्मा (रज़ा)
जीवन की पटकथा पूर्व मेंलिखी जा चुकी हैमुझसे जीने का अभिनयकरवाता क्यों है
मैं तो यूँ भी हूँतेरी कारीगरी का कायलबेवजह मुझसे प्रशंसाकरवाता क्यों है ।
मं शर्मा (रज़ा)