Poetry 1 min read 785.3K reads

नज़र


निगाहें बोल देंगींतुम खामोश रहनानज़र पहचान लेगीतुम बच के रहना

सूरत से जान लेंगेलोग सीरत तेरीचेहरे का आईना हैये तेरे दो नैना।

मं शर्मा (रज़ा)

Read more Earn more Learn more