निगाहें बोल देंगींतुम खामोश रहनानज़र पहचान लेगीतुम बच के रहनासूरत से जान लेंगेलोग सीरत तेरीचेहरे का आईना हैये तेरे दो नैना।मं शर्मा (रज़ा)
निगाहें बोल देंगींतुम खामोश रहनानज़र पहचान लेगीतुम बच के रहना
सूरत से जान लेंगेलोग सीरत तेरीचेहरे का आईना हैये तेरे दो नैना।
मं शर्मा (रज़ा)