कोई नही मित्र तेरा 

कोई नही शत्रु तेरा

खुद तुझसे नही कोई बड़ा

अपना सबसे बड़ा मित्र भी तू

अपना सबसे बड़ा शत्रु भी तू

तू ही सिर्फ तू ही है वो

जो अपने सुखों और दुःखों

का बनता है कारण सदा


©️®️मंजुल मनोचा ©️®️