तुझको सोचता हूँ बहुत
तुझको चाहता हूँ बहुत
तू है मेरी इकतरफा मोहब्बत
तू भी सोचें मुझे
तू भी चाहे मुझे
करूँ ये ही इबादत
थोड़ा डरता भी हूँ
तुझसे कैसे कहूँ
दिल में जो बात है
बिन कहे सुन ले वो तू
ज़ुबाँ होती नहीं
इन जज़्बातों की
महसूस कर खुद से ही
नज़र चुराना तेरा,
ये नहीं है सही
नज़र चुराना तेरा
अखरता तो है
बुरा फिर भी मुझे
ये लगता नहीं
क्योंकि है तू मेरी
इकतरफा मोहब्बत
तुझको सोचता हूं बहुत
तुझको चाहता हूं बहुत
तू भी सोचे मुझे
तू भी चाहे मुझे
करूँ ये ही इबादत
करूँ ये ही इबादत
करूँ ये ही इबादत...
Song by:-©️®️Manjul Manocha©️®️


