नज़र कह रही है दिल की बात खुद ही बेवजह झुठलाने की ज़ुबां को ज़हमत न दे।मं शर्मा (रज़ा)
नज़र कह रही है दिल की बात खुद ही बेवजह झुठलाने की ज़ुबां को ज़हमत न दे।
मं शर्मा (रज़ा)