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ये लम्हे


जबअनकहा बयां होने लगेबेवजह दिल मुस्कुराने लगेफूलों से मन बतियाने लगेहर साँस गीत गुनगुनाने लगेइन लम्हों को जीभर जी लेनाउम्र भर नहीं ये रहने वाले।

मं शर्मा(रज़ा)

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