कतरा समझ करजाने ना देनापलकों में हीइन्हें रोक लेनाबहुत कीमती हैंछलकने न देनादर्द की सौगात हैयूँ बँटने ना देनायादों की खुशबूमहकने देनायादगारों को यूँमिटने न देना।मं शर्मा (रज़ा)
कतरा समझ करजाने ना देनापलकों में हीइन्हें रोक लेना
बहुत कीमती हैंछलकने न देनादर्द की सौगात हैयूँ बँटने ना देना
यादों की खुशबूमहकने देनायादगारों को यूँमिटने न देना।
मं शर्मा (रज़ा)