हर सहमति

स्वीकारवश हो

आवश्यक तो नहीं


दुर्बल की सहमति

विवशता हो सकती है

सहमति नहीं


विवशता सहमति का

दुर्भाग्य है

सबल का अधिकार नहीं ।


मं शर्मा( रज़ा)