Poetry 1 min read 625K reads

विष


हर विषय कोविषाक्त करतापतन का बीज हूँअति विषैला विष हूँ

कथनी में करनी मेंसोच में विचार मेंहौले हौले असर करतामैं जहरीला जहर हूँ।

मं शर्मा (रज़ा)

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