Poetry 1 min read 618.2K reads

वर्जना


मन उलझा रहाशब्दों के हेर फेर मेंमर्यादा लंघती रहीअसंयमित वाणी केनिरंतर प्रयोग मेंअहसासों का दम घुटावर्जनाओं के दौर में।

मं शर्मा( रज़ा)#स्वरचित

Read more Earn more Learn more