मन उलझा रहाशब्दों के हेर फेर मेंमर्यादा लंघती रहीअसंयमित वाणी केनिरंतर प्रयोग मेंअहसासों का दम घुटावर्जनाओं के दौर में।मं शर्मा( रज़ा)#स्वरचित
मन उलझा रहाशब्दों के हेर फेर मेंमर्यादा लंघती रहीअसंयमित वाणी केनिरंतर प्रयोग मेंअहसासों का दम घुटावर्जनाओं के दौर में।
मं शर्मा( रज़ा)#स्वरचित