निभाने की रवायत रही नहींकसम खाने का चलन जोरों पे हैवादा ही तो है फिर कर देंगेयकीं करना न करना औरों पे है।मं शर्मा (रज़ा)
निभाने की रवायत रही नहींकसम खाने का चलन जोरों पे हैवादा ही तो है फिर कर देंगेयकीं करना न करना औरों पे है।
मं शर्मा (रज़ा)