उसकी गहराईबड़ी उथली थीउसके जीवन मेंसार बहुत कम निकलावो खारे पानी काजखीरा थानमी थी उसमें मगरबेहिसाब प्यासा निकला।मं शर्मा (रज़ा)
उसकी गहराईबड़ी उथली थीउसके जीवन मेंसार बहुत कम निकला
वो खारे पानी काजखीरा थानमी थी उसमें मगरबेहिसाब प्यासा निकला।
मं शर्मा (रज़ा)