हवा का ठंडा झोंका कभीचाँद तारों का झरोखा है खिड़कीखुशियों का लंबा इंतजार कभीघर की निगेहबान है खिड़कीदुख के गहरे अंधकार मेंऊर्जा का प्रसार है खिड़की ।मं शर्मा (रज़ा)
हवा का ठंडा झोंका कभीचाँद तारों का झरोखा है खिड़की
खुशियों का लंबा इंतजार कभीघर की निगेहबान है खिड़की
दुख के गहरे अंधकार मेंऊर्जा का प्रसार है खिड़की ।
मं शर्मा (रज़ा)