मैं तो एक किरदार मात्र हूँतुम रंगमंच का आधार होमैं जीवन की प्रस्तावना मात्र हूँतुम जीवन का उपसंहार होमैं तो शब्दों का युग्म मात्र हूँतुम जीवन का व्याकरण होमैं एक बड़ा सा प्रश्नचिन्ह हूँतुम हर प्रश्न का उत्तर प्रिये।मं शर्मा (रज़ा)
मैं तो एक किरदार मात्र हूँतुम रंगमंच का आधार होमैं जीवन की प्रस्तावना मात्र हूँतुम जीवन का उपसंहार हो
मैं तो शब्दों का युग्म मात्र हूँतुम जीवन का व्याकरण होमैं एक बड़ा सा प्रश्नचिन्ह हूँतुम हर प्रश्न का उत्तर प्रिये।
मं शर्मा (रज़ा)