टूटा हूँ मैंखड़ा कैसे हो जाऊँरोज़ मिटा हूँ मैंसंवर कैसे जाऊँउजड़ा हूँ मैंआबाद कैसे हो जाऊँकाँटा हूँ मैंगुलाब कैसे हो जाऊँ।मं शर्मा (रज़ा)
टूटा हूँ मैंखड़ा कैसे हो जाऊँरोज़ मिटा हूँ मैंसंवर कैसे जाऊँ
उजड़ा हूँ मैंआबाद कैसे हो जाऊँकाँटा हूँ मैंगुलाब कैसे हो जाऊँ।
मं शर्मा (रज़ा)