अंधेरों में उजाला कर देंगे

कम को ज्यादा कर देंगे

तुम साथ हो गर मेरे हमदम

हार को जीत कर देंगे


तुम और तुम्हारी बातों से

सुख दुख हँस के सह लेंगे

जीवन के टेढ़े मेढ़े रास्तों को

सुगम सरल डगर कर देंगे।


मं शर्मा (रज़ा)