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उजागर


माना कि कठिन हैसच कहनाफिर भीहोठों को क्यों सीना

तोड़ के बंधन मौन केकह दो तुमकोजो कहनासच पे पर्दा क्यों रहना

सच ही सत्य हैसच नहीं छिपनाहोके रहेगा उजागरयकीन करना ।

मं शर्मा (रज़ा)

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