खुशी और ग़म काजीत और हार काजीवन एक अवसर हैउत्साह के त्यौहार कारात और दिन काआज और कल काजीवन एक उत्सव हैजन्म और मरण का।मं शर्मा (रज़ा)
खुशी और ग़म काजीत और हार काजीवन एक अवसर हैउत्साह के त्यौहार का
रात और दिन काआज और कल काजीवन एक उत्सव हैजन्म और मरण का।
मं शर्मा (रज़ा)