यूँ तो मसलाखास नहीं थासदा हद में रहनामुमकिन नहीं थाजब जबहदें टूटती गईंमैं नई हदेंबनाता गया ।मं शर्मा (रज़ा)
यूँ तो मसलाखास नहीं थासदा हद में रहनामुमकिन नहीं था
जब जबहदें टूटती गईंमैं नई हदेंबनाता गया ।
मं शर्मा (रज़ा)