धूप हो कि छाँव होदर्द हो कि दवा होखुशी हो कि रंज होबस तुम्हारे संग होमिलन हो प्रतीक्षा होआशा हो हताशा होआनंद हो विषाद होबस तुम्हारे साथ हो।मं शर्मा (रज़ा)
धूप हो कि छाँव होदर्द हो कि दवा होखुशी हो कि रंज होबस तुम्हारे संग हो
मिलन हो प्रतीक्षा होआशा हो हताशा होआनंद हो विषाद होबस तुम्हारे साथ हो।
मं शर्मा (रज़ा)