उम्र गुजार दी अठखेलियों मेंहोश में अब आओ तो बात बनेमहलों में उजाले बहुत कर लिएमन में जोत जलाओ तो बात बनेअँगुली पकड़के चलते रहे जिनकीसहारा उनका बन जाओ तो बात बने।मं शर्मा (रज़ा)
उम्र गुजार दी अठखेलियों मेंहोश में अब आओ तो बात बने
महलों में उजाले बहुत कर लिएमन में जोत जलाओ तो बात बने
अँगुली पकड़के चलते रहे जिनकीसहारा उनका बन जाओ तो बात बने।
मं शर्मा (रज़ा)