दिसंबर का महीना आयाहाड़ गलाती ठंड ले आयाअधूरे स्वेटर पूरे कर लोस्मृतियों के कंबल ओढ़ लोअलावों पर भारी पड़ेगीचाय से थोड़ी राहत मिलेगीजीवन की गति थाम लेगीबच्चे बूढ़ों पर भारी पड़ेगी।मं शर्मा( रज़ा)
दिसंबर का महीना आयाहाड़ गलाती ठंड ले आयाअधूरे स्वेटर पूरे कर लोस्मृतियों के कंबल ओढ़ लो
अलावों पर भारी पड़ेगीचाय से थोड़ी राहत मिलेगीजीवन की गति थाम लेगीबच्चे बूढ़ों पर भारी पड़ेगी।
मं शर्मा( रज़ा)