इस ज़मीं सेउस अनंत तकइस आदि केउस अंत तककभी तो ऐसीछाँव मिलेगीकहीं तो मिलोगेऐसी ठाँव मिलेगी ।मं शर्मा (रज़ा)#स्वरचित
इस ज़मीं सेउस अनंत तकइस आदि केउस अंत तक
कभी तो ऐसीछाँव मिलेगीकहीं तो मिलोगेऐसी ठाँव मिलेगी ।
मं शर्मा (रज़ा)#स्वरचित