थमी थमी सी ज़मींथमा थमा आसमांये दरिया सुन रहादो दिलों की दास्तांदुनिया से बेखबरवक्त के उस छोर परदर्द गुनगुना रहामानो कोई हमनवां।मं शर्मा (रज़ा)
थमी थमी सी ज़मींथमा थमा आसमांये दरिया सुन रहादो दिलों की दास्तां
दुनिया से बेखबरवक्त के उस छोर परदर्द गुनगुना रहामानो कोई हमनवां।
मं शर्मा (रज़ा)