भुला दिया था तभी
तेरी यादों को मैंने
आज ज़हन में फिर
तेरा ख्याल आया
पलकों पर आकर
ठहर गया एक आँसू
जब जुबां पर गैर की
तेरा जिक्र आया ।
मं शर्मा (रज़ा)


भुला दिया था तभी
तेरी यादों को मैंने
आज ज़हन में फिर
तेरा ख्याल आया
पलकों पर आकर
ठहर गया एक आँसू
जब जुबां पर गैर की
तेरा जिक्र आया ।
मं शर्मा (रज़ा)