शर्म हया हैशर्म अदा हैयूँही नहीं जगतुझपे फिदा हैतेरा रूठनातेरा मान जानाकतिलाना हैतेरा यूँ शर्माना।मं शर्मा (रज़ा)
शर्म हया हैशर्म अदा हैयूँही नहीं जगतुझपे फिदा है
तेरा रूठनातेरा मान जानाकतिलाना हैतेरा यूँ शर्माना।
मं शर्मा (रज़ा)