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तरकश


माना तरकश में हूँफिर भी तीर हूँछूटा गर तोलौटा नहीं हूँ

सामर्थ के बल परएकाग्रता के दम परलक्ष्य को भेदकरविजयी रहा हूँ।

मं शर्मा (रज़ा)

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