दिल तुझमें जो हरकत हैश्वासों की वो बरकत हैये जो तेरी धड़कन हैश्वासों का ही स्पंदन हैविवेकहीन है दिल तूभावनाओं से चलता हैजीवन के उतार चढ़ाव सेसबसे पहले आहत होता है।मं शर्मा (रज़ा)
दिल तुझमें जो हरकत हैश्वासों की वो बरकत हैये जो तेरी धड़कन हैश्वासों का ही स्पंदन है
विवेकहीन है दिल तूभावनाओं से चलता हैजीवन के उतार चढ़ाव सेसबसे पहले आहत होता है।
मं शर्मा (रज़ा)