Poetry 1 min read 280.6K reads

स्वर्ग


बुजुर्गों का सम्मान थाअपनों में था अपनापनसंबंधों की मर्यादा थीनहीं था कोई कड़वापनतब घर स्वर्ग से सुंदर थाआज रह गया खाली भवन।

मं शर्मा (रज़ा)

Read more Earn more Learn more