मुझको क्योंतुम होना हैतुमको भी क्योंमुझसा होना हैसुन ओ साथीउसने ही मुझको मैंऔर तुमकोतुम होना चुना है।मं शर्मा (रज़ा)
मुझको क्योंतुम होना हैतुमको भी क्योंमुझसा होना है
सुन ओ साथीउसने ही मुझको मैंऔर तुमकोतुम होना चुना है।
मं शर्मा (रज़ा)