सुख में शायद भूल गए होंदुख में सुमिरन सदैव किएप्रभू तुम हमारे हो याद रहाहम तुम्हारे हैं तुम भूल गए।मं शर्मा (रज़ा)
सुख में शायद भूल गए होंदुख में सुमिरन सदैव किएप्रभू तुम हमारे हो याद रहाहम तुम्हारे हैं तुम भूल गए।
मं शर्मा (रज़ा)