क्या चाहा थाक्या हुए होफूल होना थाशूल हुए होक्यों इसगफलत में पड़े होनियति द्वारानिर्धारित हुए होसुख को दुख केसंग होना थाशूल संगतुम संपूर्ण हुए हो ।मं शर्मा (रज़ा)
क्या चाहा थाक्या हुए होफूल होना थाशूल हुए हो
क्यों इसगफलत में पड़े होनियति द्वारानिर्धारित हुए हो
सुख को दुख केसंग होना थाशूल संगतुम संपूर्ण हुए हो ।
मं शर्मा (रज़ा)