Poetry 1 min read 579.7K reads

स्पर्श


उसके स्पर्श को छूकर देखाखुद के होने का अहसास हुआमानो बारिश की बूँदों से मिल करधरा को तृष्णा का आभास हुआ ।

मं शर्मा (रज़ा)

Read more Earn more Learn more