ह्रदय में स्पंदन है तुमसे हीमन ये समर्पित है तुमपे हीतेरी मौजूदगी का आभास करूँ तोकम पड़ जाती हैं अनुभूतियाँ मेरी।मं शर्मा (रज़ा)
ह्रदय में स्पंदन है तुमसे हीमन ये समर्पित है तुमपे हीतेरी मौजूदगी का आभास करूँ तोकम पड़ जाती हैं अनुभूतियाँ मेरी।
मं शर्मा (रज़ा)