जो कह न सके वो कह दियाडायरी के पन्नों में दर्ज कियाकुछ खट्टी मीठी बातों कोकुछ भूली बिसरी यादों कोस्मृतिपटल से विस्मृत होने से पहलेसमय की दराज में सहेज लिया ।मं शर्मा (रज़ा)
जो कह न सके वो कह दियाडायरी के पन्नों में दर्ज कियाकुछ खट्टी मीठी बातों कोकुछ भूली बिसरी यादों कोस्मृतिपटल से विस्मृत होने से पहलेसमय की दराज में सहेज लिया ।
मं शर्मा (रज़ा)