मिट्टी की खुशबू महकी हैहवा भी बहकी बहकी हैपंछी ने ऊँची उड़ान भरी हैगर्मी से राहत जो मिली हैजब से सावन माह आया हैशिव का स्मरण हो आया हैशिवालयों पर लगे हैं मेलेगूँज रहा है बम बम भोले।मं शर्मा( रज़ा)
मिट्टी की खुशबू महकी हैहवा भी बहकी बहकी हैपंछी ने ऊँची उड़ान भरी हैगर्मी से राहत जो मिली है
जब से सावन माह आया हैशिव का स्मरण हो आया हैशिवालयों पर लगे हैं मेलेगूँज रहा है बम बम भोले।
मं शर्मा( रज़ा)