Poetry 1 min read 3.3K reads

शीत ऋतु


लंबी रातेंछोटे दिन हैंबढ़ती ठिठुरनसहमा जीवन है

ओझल सूरजघुटता दम हैशीत ऋतु काहुआ आगमन है ।

मं शर्मा (रज़ा)

Read more Earn more Learn more