शिखर's image
Share0 Bookmarks 62793 Reads0 Likes

माँ को बिलखता छोड़कर

पिता से मुँह फेर कर

भाईओं के हक छीन कर

मैं शिखर पर पहुँच गया हूँ

सब कुछ पीछे छोड़छाड़ कर


घर आँगन बुलाए तो क्या

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts