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शत्रुता


अंधेरों ने बढ़ाई हैउजाले की कीमतनहीं होते अंधेरेकोई पूछता न दीए को

शत्रुओं ने बढ़ाई हैमित्रता की कीमतनहीं होते शत्रुकोई पूछता न मित्र को।

मं शर्मा (रज़ा)

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