काली काली नागिन जैसीहर तरफ फैल रही ये सड़केंन कहीं पहुँचती न कहीं रूकतीबदहवास भागती शहर की सड़केंगाँवों का अस्तित्व निगलतीअनबूझ पहेली सी ये सड़कें।मं शर्मा (रज़ा)
काली काली नागिन जैसीहर तरफ फैल रही ये सड़केंन कहीं पहुँचती न कहीं रूकतीबदहवास भागती शहर की सड़केंगाँवों का अस्तित्व निगलतीअनबूझ पहेली सी ये सड़कें।
मं शर्मा (रज़ा)