Poetry 1 min read 442K reads

संवरण


जीवन का ईंधन हैं इच्छाएँइच्छाओं का संवरण न करसहचरी हैं इच्छाएँ आमरणदिल को यूँ रीता न कर।

मं शर्मा (रज़ा)

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