Poetry 1 min read 442.7K reads

संताप


वाणी के प्रभाव सेचीख के विलाप सेनिर्लिप्त कौन रह सकाजीवन के संताप से

याचना की पुकार सेसुविधा के अभाव सेअनभिज्ञ कौन रह सकाईश्वर के प्रताप से ।

मं शर्मा (रज़ा)

Read more Earn more Learn more