वाणी के प्रभाव सेचीख के विलाप सेनिर्लिप्त कौन रह सकाजीवन के संताप सेयाचना की पुकार सेसुविधा के अभाव सेअनभिज्ञ कौन रह सकाईश्वर के प्रताप से ।मं शर्मा (रज़ा)
वाणी के प्रभाव सेचीख के विलाप सेनिर्लिप्त कौन रह सकाजीवन के संताप से
याचना की पुकार सेसुविधा के अभाव सेअनभिज्ञ कौन रह सकाईश्वर के प्रताप से ।
मं शर्मा (रज़ा)