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संस्थान


ज्ञान कला और विज्ञान हैंपुस्तकें ज्ञान की खान हैंसंस्कृति की अनुपम धरोहरउन्नत समाज की पहचान हैं

पुस्तकें समाज का हैं दर्पणन्याय और विधि का विधान हैंज्ञान की कोई सीमा नहीं हैपुस्तकें विवेक का संस्थान हैं।

मं शर्मा( रज़ा)

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